उत्क्षिप्त व्यंजन क्या है? और इसकी परिभाषा क्या है?


उत्क्षिप्त व्यंजन क्या है : दोस्तो आज के पोस्ट में हम आप को बताएंगे की हिंदी वर्णमाला में उत्क्षिप्त व्यंजन क्या होता है, और इसकी क्या परिभाषा है, और यह कितने प्रकार का होता है. इस पोस्ट को पूरा पढ़िए और जानकारी का लाभ उठाइए.

उत्क्षिप्त व्यंजन क्या है?

जिस व्यंजन के उच्चारण में जीभ का अगला भाग थोड़ा ऊपर उठकर झटके से नीचे गिरता हैं, उसे उत्क्षिप्त व्यंजन कहा जाता है. उत्क्षिप्त व्यंजनों का उच्चारण करते समय वर्ण पहले ‘अ’ वर्ण का प्रयोग किया जाता है.

जैसे – ड, ढ – यह दो व्यंजन उत्क्षिप्त हैं.

ड और ढ पर ताड़नजात चिह्न का प्रयोग करने से इनके गुण में परिवर्तन हो जाता है और उत्क्षिप्त व्यंजन बनते हैं, इसलिए उत्क्षिप्त व्यंजनों को द्विगुण व्यंजन भी कहते हैं

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Conclusion

ड, ढ – यह दो व्यंजन उत्क्षिप्त हैं. उत्क्षिप्त व्यंजन कितने होते हैं? आपको इस प्रश्न का उत्तर मिल ही गया होगा, और उम्मीद करता हूं की आज का यह पोस्ट आप सब को जरूर पसंद आया होगा.

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