द्वित्व व्यंजन व द्वित्व व्यंजन के शब्द | Dwitiya Vyanjan

Dwitiya vyanjan: दोस्तो आज के पोस्ट में हम द्वित्व व्यंजन के बारे में बताने वाले है, जैसे की द्वित्व व्यंजन क्या है, इसकी परिभाषा एवं इसके कुछ उदाहरण के बारे में भी जानेंगे.

द्वित्व व्यंजन (Dwitiya Vyanjan)

जब दो समान व्यंजन एक साथ प्रयोग में लाए जाते हैं लेकिन उनका मूल रूप नही बदलता है तो उसे द्वित्व व्यंजन कहते हैं. इसमें पहला व्यंजन स्वर रहित होता है और दूसरा व्यंजन स्वर सहित होता है.

कभी-कभी जब दो समान व्यंजन आपस में जुड़ते हैं तो उनमें एक हलंत (्) भी लग जाता है.

जैसे –  कद्दू, गुड्डू आदि हैं.

द्वित्व व्यंजन बनाने का नियम

  • दो समान व्यंजनों को एक हलंत (्) के साथ जोड़कर लिखा जाता है 
  • क, च, ट, त, प वर्ग के दूसरे और चौथे अक्षरों का द्वित्व नहीं होता है
  ‘क’ वर्ग  क        ग        ड.
 ‘च’ वर्ग च        ज    झ    ञ़
  ‘ट’ वर्गट         ड          ण
‘त’ वर्ग त        द         न
 ‘प’ वर्ग  प     फ    ब     भ    म

अर्थात उपर्युक्त चित्रानुसार ख के बाद ख घ के बाद छ के बाद झ के बाद झ ठ के बाद ठ आदि का प्रयोग एक साथ नही होता है। 

 उदाहरण – मक्खी (सही) ,  मख्खी (गलत)

गग्घर (सही) ,   गघ्घर  (गलत)

Also Read This

द्वित्व व्यंजन के शब्द

  • चक्की, झक्की , पक्का,  मक्का, चक्का,  धक्का,  मुक्का, टिक्की, शक्कर,  चक्कर, टक्कर,  ढक्कन आदि।
  • दुबग्गा, घग्गर आदि
  • कच्चा, बच्चा, सच्चा, गच्चा, जच्चा, लुच्चा आदि
  • सज्जन, उज्जैन ,रज्जू, लज्जा आदि
  • लट्टू, पट्टा, खट्टा, दुपट्टा, पट्टी , टट्टी, छुट्टी, मुट्ठी,  सट्टा आदि
  •  गुड्डा,  गुड्डू, गुड्डन, गुड्डी, लड्डू आदि
  • कुत्ता, पत्ती, सत्ता, भत्ता, गत्ता, गुणवत्ता आदि
  • कद्दू, मुद्दा, रद्दी, भद्दा, आदि
  • पन्ना, नन्ना, गन्ना, अन्ना,अन्न, विभिन्न, संपन्न आदि
  • गप्पू, पप्पू, छप्पन, पप्पी, गप्पी, झप्पी आदि
  • बब्बन ,बब्बर आदि
  • चम्मच, अम्मा, मम्मी, धम्म आदि

Also May You Like

द्वित्व व्यंजन और संयुक्त व्यंजन में अंतर

चुकी द्वित्व व्यंजन, संयुक्त व्यंजन के समान ही होता है, इसलिए अक्सर भ्रम होता है की कौन सा द्वित्व व्यंजन है और सा संयुक्त व्यंजन होता है. तो चलिए अब इन दोनो के अंतर को अच्छे से समझ लेते है.

क्रम संख्याद्वित्व व्यंजनसंयुक्त व्यंजन
1द्वित्व व्यंजन दो समान व्यंजनों के मिलने से बनता हैसंयुक्त व्यंजन दो असमान व्यंजनों के मिलने से बनता है 
2द्वित्व व्यंजन में व्यंजनों का मूलरूप नहीं बदलतासंयुक्त व्यंजन में जुड़ने वाले व्यंजनों का मूलरूप बदल जाता है 
3द्वित्व व्यंजन में किसी नए व्यंजन का निर्माण नहीं होता है संयुक्त व्यंजन में दोनो व्यंजन मिलकर एक नए व्यंजन का निर्माण करते है
4द्वित्व व्यंजन की संख्या निर्धारित नहीं हैसंयुक्त व्यंजनों की संख्या चार होती है

Conclusion

उम्मीद है की आज का यह पोस्ट द्वित्व व्यंजन व द्वित्व व्यंजन के शब्द | Dwitiya Vyanjan आप सब को जरूर पसंद आया होगा. और आप अब अच्छे सा समझ गए होगे की द्वित्व व्यंजन क्या होता है?

Leave a Comment